समझिये Derivative Market मे Option Trading क्या होता है

Basic concept of Option Trading and PUT/CALL instrument in Derivative market.

शेयर बाजार एक व्यापर है जिसमे लाभ होता है या नुकसान होता है, और यदि कुछ नहीं होता तो वो व्यापर ही नहीं होता है, लेकिन जो व्यापारी व्यापार के नियमो को जनता और उसका पालन करता है वो व्यापारी लाभ ही कमाता है और नुकसान बहुत कम करता है| इस पोस्ट मे आप Derivative market के  Option Trading के बारे में विस्तार से उदाहरण के साथ जान पाएंगे

उदाहरण के लिए यदि आप एक कार खरीदते है तो साथ ही साथ एक छोटी सी धन राशि लगाकर उस कार का बिमा भी कराते है जो एक Term insurance की तरह होता है जिसकी एक Expiry date होती है, यदि कोई दुर्घटना उस दौरान होती है तो पुरे नुकसान की भरपाई Insurance Company करती है और यदि कुछ नही होता तो आपको बिमा धन राशि का ही नुकसान होता है और दूसरी तरफ Insurance Company को इस धन राशि का लाभ |  इस उदाहरण में दो बातें हो रही है –

Insurance Company बिमा कॉन्ट्रैक्ट बेच रही है (Sell a contract as SELLER) और आप बिमा कॉन्ट्रैक्ट खरीद रहे हो (Buy a Contract as BUYER)

इसमें Insurance Company (SELLER) को बिमा धन राशि का ही लाभ होता है और यदि कोई नुकसान की भरपाई करनी पडे तो असीमित नुकसान उठाना पडता है और दूसरी तरफ बिमा धारक (BUYER) को बिमा धन राशि का ही नुकसान उठाना पड़ता है और लाभ असीमित होता है|

Option Trading भी ऐसे  ही काम करता है लेकिन इसमें कॉन्ट्रैक्ट  PUT और CALL होता है जिसे हम खरीदते और बेचते है और इसकी एक Expiry date होती है, CALL/PUT खरीदने वाला BUYER होता है और बेचने वाला SELLER होता है |

Option Trading, Derivative Market का एक हिस्सा है जिसे CALL/PUT के जरिये Share Market मे  खरीदा और बेचा जाता है, ये ट्रेडरों को असीमित नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है,  जब ट्रेडर्स कोई Stock खरीदता है तो उसके पास Option Trading एक विकल्प होता जिसमे वो छोटा सा प्रीमियम देकर एक Expiry Date के साथ अपने नुकसान का बिमा करा लेता है |

अब CALL/PUT Instrument को विस्तार से समझे-

Option Trading
  • CALL Instrument :
    • CALL SELLER –  यदि कोई ट्रेडर  किसी Strike Price का  CALL बेचता (SELL) है तो उसे यह विस्वास है की मार्किट उस Strike Price से निचे ही रहेगा और यदि मार्किट प्राइस ऊपर जाता है तो SELLER को असीमित नुकसान होगा | 
    • CALL BUYER – यदि कोई ट्रेडर  किसी Strike Price का  CALL खरीदता (BUY) है तो उसे यह विस्वास है की मार्किट उस Strike Price से ऊपर जयेगा और यदि मार्किट उस Strike Price से निचे चला गया तो उसे अधिक से अधिक दिया गया प्रीमियम का ही नुकसान होगा | 
  • PUT Instrument :
    • PUT SELLER –  यदि कोई ट्रेडर  किसी Strike Price का  PUT बेचता (SELL) है तो उसे यह विस्वास है की मार्किट उस Strike Price से ऊपर ही रहेगा और यदि मार्किट उस स्ट्राइक प्राइस से निचे जाता है तो SELLER को असीमित नुकसान होगा | 
    • PUT BUYER – यदि कोई ट्रेडर  किसी Strike Price का  PUT खरीदता (BUY) है तो उसे यह विस्वास है की मार्किट उस Strike Price से निचे जयेगा और यदि मार्किट उस स्ट्राइक प्राइस से ऊपर जाता है तो SELLER को अधिक से अधिक दिया गया प्रीमियम का ही नुकसान होगा | 

अब आप ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में समझ गए होंगे की ये आपको कैसे नुकसान से बचा सकता है और इस तरीके से आप एक सुरक्षित ट्रेड कर सकतें है |

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